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गायनेकोलॉजिक कैंसर के बारे में 10 महत्वपूर्ण तथ्य

By Dr. Kanika Batra Modi in Gynecologic Oncology , Cancer Care / Oncology , Surgical Oncology

Sep 13 , 2023 | अंग्रेजी में पढ़ें

1. गायनेकोलॉजिक कैंसर क्या है?

कोई भी कैंसर जो एक महिला के प्रजनन अंगों में आरम्भ होता है उसे गायनेकोलॉजिक कैंसर कहा जाता है। सामान्यतः इसकी चर्चा एक समूह के रूप में की जाती है, प्रजनन अंगों में प्रत्येक कैंसर एक दूसरे से भिन्न होता है। प्रत्येक के अलग-अलग संकेत, लक्षण एवं समस्याएँ होती हैं।

गायनेकोलॉजिक कैंसर मुख्यतः पाँच प्रकार के होते हैं: -

सर्वाइकल कैंसर सर्वाइकल कैंसर गर्भाशय के निचले हिस्से में आरम्भ होता है, जिसे गर्भमुख कहा जाता है।
ओवेरियन कैंसर यह गर्भाशय के दोनों ओर स्थित अंण्डाशयों में आरम्भ होता है।
यूटेराइन कैंसर यह गर्भाशय में उत्पन्न होता है। गर्भाशय महिला की कोख में एक नाशपाती आकार का अंग है, जहां गर्भधारण होने पर भ्रूंण का विकास होता है।
वेजाइनल कैंसर वेजाइनल कैंसर योनि में शुरू होता है। यह गर्भाशय के नीचे और शरीर के बाहर गुहा, ट्यूब जैसा चैनल होता है, जिसे जन्म चैनल भी कहा जाता है।
वल्वर कैंसर यह योनिमुख (वल्वा) में शुरू होता है। यह महिला जननांग का बाहरी भाग होता है, जिसमें योनि के भीतरी और बाहरी होंठ, भगशेफ (क्लिटोरिस), योनिमुख और योनि ग्रंथियां सम्मिलित होती है।

2. गायनेकोलॉजिक कैंसर किसे होता है?

सभी महिलाओं को गायनेकोलॉजिक कैंसर की समस्या हो सकती है, इसकी सम्भावना महिलाओं में प्रायः आयु बढ़ने के साथ बढ़ती रहती है।

3. एक महिला को गायनेकोलॉजिक कैंसर होने का खतरा किन कारणों से बढ़ जाता है?

यह जानने का कोई उपाय नहीं है कि किन महिलाओं को यह कैंसर होगा। प्रत्येक विशिष्ट प्रकार के गायनेकोलॉजिक कैंसर में जोखिम कारकों का भिन्न-भिन्न समूह होता है।

  1. मानव पैपिलोमा वायरस (Human Papillomavirus या HPV) संक्रमण जो शरीर से आसानी से नहीं जाते वे कई प्रकार के कैंसर होने का खतरा बढ़ाते हैं। एचपीवी एक आम यौन संचारित वायरस है जो गर्भाशय ग्रीवा, योनि और वल्वर कैंसर का कारण बन सकता है। यह इन तीन प्रकार के कैंसर के लिए सबसे प्रमाणित कारकों में से एक है।
  2. परिवार में कैंसर का महत्वपूर्ण इतिहास।

4. मैं गायनेकोलॉजिक कैंसर को रोकने या इसका जल्द पता लगाने में कैसे सहायता कर सकता हूँ?

सामान्यतः सभी प्रकार के गायनेकोलॉजिक कैंसर को रोकने का कोई भी ज्ञात उपाय नहीं है, लेकिन कैंसर की संभावना को कम करने एवं कैंसर के लक्षणों का पहले पता लगाने में सहायक कुछ तत्व हैं। गायनेकोलॉजिक कैंसर का जल्द पता लगना महत्वपूर्ण है क्योंकि उस अवधि में कैंसर का उपचार अधिक प्रभावपूर्ण हो सकता है।

  1. अपने शरीर पर ध्यान दें और जानें कि आपके लिए क्या सामान्य है। दो सप्ताह या उससे अधिक समय तक योनि से असामान्य रक्तस्राव होने की स्थिति में तुरंत अपने डॉक्टर से परामर्श लें। हालांकि ये लक्षण कैंसर के अतिरिक्त अन्य किसी और कारण से भी हो सकते हैं, लेकिन इसकी पुष्टि का एकमात्र समाधान डॉक्टर से परामर्श व जाँच कराना है।
  2. स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं। पूर्णतः अच्छे स्वास्थ्य के लिए, फलों और सब्जियों से भरपूर आहार लें; नियमित रूप से व्यायाम करें; संतुलित वजन बनाए रखें; धूम्रपान और असुरक्षित यौन संबंध से बचें।
  3. एचपीवी वैक्सीन लगवाएं। यदि आप उस अवस्था में हैं, जब इस वैक्सीन को लगाने की सलाह दी जाती है, तो आप इस वैक्सीन का उपयोग करें। यह एचपीवी के विभिन्न संक्रमणों से बचाता है जो अक्सर सर्वाइकल, योनि और वल्वर कैंसर का कारण बनते हैं। 11 और 12 साल की युवतियों के लिए इस वैक्सीन को लगाने की सलाह दी जाती है।
  4. नियमित पैप परीक्षण करवाएं। पैप परीक्षण (या पैप स्मीयर) प्रचलित सभी विश्वसनीय और प्रभावी कैंसर की जांच परीक्षणों में से एक है। पैप परीक्षण से गर्भाशय सर्वाइकल पर कैंसर के पूर्व के लक्षणों की पहचान कर उपचार किया जा सकता है ताकि कैंसर के प्रसार को रोका जा सके। एक पैप परीक्षण सर्वाइकल कैंसर के लक्षणों की उस अवधि में पहचान कर लेता है, जब उपचार अधिक प्रभावपूर्ण होता है। पैप टेस्ट स्क्रीनिंग केवल सर्वाइकल कैंसर के लिए है। एचपीवी वैक्सीन लेने के बाद भी पैप स्क्रीनिंग की जाती है। इसके अलावा, पैप परीक्षण के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ से परामर्श लेना भी आवश्यक है।

तथ्य: पैप परीक्षण ओवेरियन, गर्भाशय (यूटेराइन), योनि (वेजाइनल) एवं वल्वर कैंसर की जांच नहीं करता है। यदि आप नियमित रूप से पैप परीक्षण करवाते हैं तब भी यदि आपको ऐसे लक्षण दिखाई देते हैं जो आपके लिए सामान्य नहीं हैं, तो अपने चिकित्सक से परामर्श लें।

5. गायनेकोलॉजिक कैंसर के लक्षण और पहचान क्या हैं?

लक्षण सर्वाइकल कैंसर ओवेरियन कैंसर यूटेराइन कैंसर वेजाइनल कैंसर वल्वर कैंसर
असामान्य योनि स्राव या रक्तस्राव हाँ हाँ हाँ हाँ
पेल्विक दर्द या दबाव हाँ हाँ हाँ
पेट या पीठ दर्द हाँ
सूजन हाँ
बाथरूम की आदतों में बदलाव हाँ हाँ
योनी में खुजली या जलन हाँ
योनी के रंग या त्वचा में परिवर्तन जैसे दाने, घाव या मस्से हाँ

6. स्टेजिंग क्या है और मुझे इसकी आवश्यकता क्यों है?

स्टेजिंग के माध्यम से यह जानकारी प्राप्त होती है कि बीमारी का आकार कितना है, उसका फैलाव कितना है एवं क्या वह अपने मूल स्थान से शरीर के अन्य भागों में फैल रही है। गायनेकोलॉजिक कैंसर किस चरण में है, इसका पता लगाने के लिए, आपका डॉक्टर कई परीक्षण कर सकते हैं।

जिसके परिणामस्वरूप-

  1. यह सर्वोत्तम संभव उपचार योजना विकसित करने में डॉक्टर की सहायता करेगा।
  2. यह बीमारी के संभावित परिणाम या अध्ययन का अनुमान लगाने के लिए उपयोग किया जा सकता है।

7. कैंसर उपचार के प्रकार क्या हैं?

कैंसर के प्रकार एवं कैंसर की किस स्टेज (चरण) में पहचान हो सकी, के आधार पर कैंसर-उपचार के विभिन्न प्रकार एवं संयोजन सम्भव है।

संभावित उपचारों में सम्मिलित हैं : -

ऑपरेशन

एक सर्जन जितना संभव हो सके उतना कैंसर हटा देता है। सर्जरी की सीमा या संभावना कैंसर के प्रकार, अवस्था और रोगी के समग्र स्वास्थ्य पर निर्भर करती है।

कीमोथेरपी

एक डॉक्टर कैंसर कोशिकाओं के विकास को रोकने या धीमा करने के लिए दवाओं का उपयोग करता है। ये दवाएं स्वस्थ कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचा सकती हैं, जिसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं। कीमोथैरेपी खत्म होने पर दुष्प्रभाव (साइड इफेक्ट) सामान्यतः ठीक हो जाते हैं या चले जाते हैं।

विकिरण चिकित्सा (रेडिएशन थेरेपी)

एक डॉक्टर कैंसर की कोशिकाओं को मारने और उनके प्रसार को रोकने के लिए विकिरण-उच्च-ऊर्जा किरणों की अधिक मात्रा का उपयोग करता है। रेडिएशन थेरेपी दिए जाने के दौरान चोट नहीं लगती है, किन्तु इसके दुष्प्रभाव हो सकते हैं।